बेदनी बुग्याल

उत्तराखण्ड गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में स्थित बेदिनी बुग्याल सबसे बड़ा और ख़ूबसूरत बुग्यालों में से एक हैं... 
बेदिनी बुग्याल जाने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, कर्णप्रयाग, थराली, देवाल, लोहाजंग, वाण होते हुए जाया जा सकता है. दूसरा रास्ता हल्द्वानी, कौसानी, ग्वालदम, देवाल, लोहाजंग होते हुए वान तक का है. वाण के बाद 13 किमी का पैदल ट्रैक बेदिनी बुग्याल के लिए जाता है. हल्द्वानी से वाण की दूरी 230 किमी है. वाण चमोली जिले का दुर्गम गाँव है. वाण से 10 किमी पहले लोहाजंग से भी एक पैदल रास्ता आली बुग्याल होते हुए बेदिनी बुग्याल तक जाता है. 

13 किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद बेदिनी बुग्याल में मखमली घास के समतल मैदान के दीदार होते हैं. समुद्र तल से बेदिनी बुग्याल की ऊंचाई लगभग 11,000 फीट है. यहां धार्मिक महत्त्व का एक पौराणिक नंदा देवी मंदिर भी है. पत्थर से बना यह मंदिर एक प्राकृतिक कुंड के किनारे बना है जिसे बेदिनी कुंड कहा जाता है.

बेदिनी बुग्याल में घास के अलावा कई प्रजातियों के छोटे जंगली फूल और जड़ी-बूटियां भी पाए जाते हैं. बेदिनी बुग्याल से चौकम्भा, नीलकंठ, बंदरपूंछ, आदि पर्वत, नंदा घुंटी आदि हिमालयी चोटियों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है. मार्च से अक्तूबर तक का वक़्त यहाँ पहुँचने के लिए बेहतरीन है. इसके बाद यहाँ बर्फ पड़नी शुरू हो जाती है. 

#PrideofUttarakhand

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